Jataka Tales

Welcome to the world of short stories. Here you can Read, publish, listen, share or download short stories for free organized by various themes. Tales, Folklore, Fables, Fairy Tales, Classics and Literature Shorts; this is one stop destination for all kind of short stories for all ages. Reading short stories would never be such an easy, effortless and enjoyable.

The Bold Begger

The Bold BeggerNew

Once there were two sages (rishis) who lived in a hermitage located in a forest. They spent most of their time worshipping Vayu, the wind god.

One afternoon, as the sages were beginning their meal, a Brahmachari (an unmarried monk) beggar arrived holding his begging bowl.

literature

Miss PadmaNew

Part 3 of 3 stories in Mansarovar Part 2

कानून में अच्छी सफलता प्राप्त कर लेने के बाद मिस पद्मा को एक नया अनुभव हुआ, वह था जीवन का सूनापन। विवाह को उसने एक अप्राकृतिक बंधन समझा था और निश्चय कर लिया था कि स्वतन्त्र रहकर जीवन का उपभोग करूँगी। एम.ए. की डिग्री ली, फिर कानून पास किया और प्रैक्टिस शुरू कर दी। रूपवती थी, युवती थी, मृदुभाषिणी थी और प्रतिभाशालिनी भी थी। मार्ग में कोई बाधा न थी। देखते-देखते वह अपने साथी नौजवान मर्द वकीलों को पीछे छोड़कर आगे निकल गयी और अब उसकी आमदनी कभी-कभी एक हज़ार से भी ऊपर बढ़ जाती। अब उतने परिश्रम और सिर-मगजन की आवश्यकता न रही।

literature

The Spring Running

Part 15 of 15 stories in The Second Jungle Book

Man goes to Man! Cry the challenge through the Jungle!
He that was our Brother goes away.
Hear, now, and judge, O ye People of the Jungle,—
Answer, who shall turn him—who shall stay?

Man goes to Man! He is weeping in the Jungle:
He that was our Brother sorrows sore!

literature

Jivan Ka Shrap

Part 2 of 3 stories in Mansarovar Part 2

कावसजी ने पत्र निकाला और यश कमाने लगे। शापूरजी ने रुई की दलाली शुरू की और धन कमाने लगे ? कमाई दोनों ही कर रहे थे, पर शापूरजी प्रसन्न थे; कावसजी विरक्त। शापूरजी को धन के साथ सम्मान और यश आप-ही-आप मिलता था। कावसजी को यश के साथ धन दूरबीन से देखने पर भी दिखायी न देता था; इसलिए शापूरजी के जीवन में शांति थी, सह्रदयता थी, आशीर्वाद था, क्रीड़ा थी। कावसजी के जीवन में अशांति थी, कटुता थी, निराशा थी, उदासीनता थी। धन को तुच्छ समझने की वह बहुत चेष्टा करते थे; लेकिन प्रत्यक्ष को कैसे झुठला देते ? शापूरजी के घर में विराजने वाले सौजन्य और शांति के सामने उन्हें अपने घर के कलह और फूहड़पन से घृणा होती थी। मृदुभाषिणी मिसेज शापूर के सामने उन्हें अपनी गुलशन बानू संकीर्णता और ईर्ष्या का अवतार-सी लगती थी।

literature

Chil’s Song

Part 14 of 15 stories in The Second Jungle Book

These were my companions going forth by night—
(For Chil! Look you, for Chil!)
Now come I to whistle them the ending of the fight.
(Chil! Vanguards of Chil!)
Word they gave me overhead of quarry newly slain,
Word I gave them underfoot of buck upon the plain.

literature

Jaadu

Part 1 of 3 stories in Mansarovar Part 2

‘ नीला तुमने उसे क्यों लिखा ? ‘
‘मीना क़िसको ? ‘
‘उसी को ?’
‘मैं नहीं समझती !’
‘खूब समझती हो ! जिस आदमी ने मेरा अपमान किया, गली-गली मेरा नाम बेचता फिरा, उसे तुम मुँह लगाती हो, क्या यह उचित है ?’
‘तुम गलत कहती हो !’
‘तुमने उसे खत नहीं लिखा ?’
‘कभी नहीं।’
‘तो मेरी गलती थी, क्षमा करो। तुम मेरी बहन न होतीं, तो मैं तुमसे यह सवाल भी न पूछती।’